सोने का अंडा | The Golden Egg: लालच ने उजाड़ दिया घर
वीरपुर गांव में सोनू और सीमा नाम का मेहनती दंपती रहता था। उनके पास कई मुर्गियां थीं, जो रोज करीब 100 अंडे देती थीं। यही मुर्गियां उनकी रोजी-रोटी का सहारा थीं और दोनों उन्हें बहुत प्यार करते थे।
लेकिन पड़ोसी कालू और उसकी पत्नी सोनू की तरक्की से जलते थे। एक दिन सोनू ने गांव का पहला फ्रिज खरीदा और खुशी में पड़ोसी के घर मिठाई लेकर पहुंचा। कालू की पत्नी ने इसे भी जलन की नजर से देखा और दोनों ने सोनू की मुर्गियां चुराने की साजिश रच डाली।
चोरी के बाद सोनू और सीमा को जंगल में नई मुर्गियां मिलीं। उन्हें क्या पता था कि इन्हीं मुर्गियों में एक ऐसी मुर्गी थी जो रोज सोने का अंडा देने वाली थी। इस चमत्कार ने उनकी जिंदगी बदल दी, लेकिन कालू का लालच आखिरकार उसके लिए विनाश का कारण बन गया।
वीरपुर गांव में सोनू नाम का एक धोबी अपनी पत्नी सीमा के साथ रहता था। दोनों बहुत मेहनती और दयालु थे। उनके पास बहुत सारी मुर्गियां थीं, जो रोज करीब 100 अंडे देती थीं। सोनू अपनी स्कूटर पर अंडे लेकर शहर जाता और उन्हें घर-घर पहुंचाता था।
अगर अंडे बच जाते, तो सोनू और सीमा उन्हें गांव के जरूरतमंद लोगों में बांट देते। इसी मेहनत और अच्छे स्वभाव की वजह से उनका जीवन धीरे-धीरे बेहतर होता जा रहा था।
एक दिन सोनू ने एक फ्रिज खरीदा। वह पूरे गांव में पहला फ्रिज था। अपनी खुशी पड़ोसियों के साथ बांटने के लिए सोनू कुछ मिठाइयां लेकर कालू के घर पहुंचा।
लेकिन कालू और उसकी पत्नी खुश होने के बजाय जलने लगे। उनके पास एक गाय थी, जो रोज केवल 5 लीटर दूध देती थी। उन्हें सोनू की तरक्की देखकर बुरा लगने लगा। कालू की पत्नी को लगा कि सोनू मिठाई देकर उन्हें अपनी संपन्नता दिखाना चाहता है।
इसी जलन में उसने कालू को सोनू की मुर्गियां चुराने की सलाह दी। दोनों ने योजना बनाई कि मुर्गियों को चुराकर उन पर निशान लगा देंगे और बाद में उन्हें बाजार से खरीदा हुआ बताने का नाटक करेंगे।
रात के अंधेरे में कालू चुपके से सोनू के घर में घुसा और उनकी सारी मुर्गियां चुरा ले गया। सुबह जब सोनू और सीमा ने अपना खाली आंगन देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों अपनी प्यारी मुर्गियों को ढूंढने के लिए पूरे गांव में घूमे, लेकिन उन्हें कोई सुराग नहीं मिला।
अपने नुकसान से दुखी होकर वे जंगल की ओर चले गए। वहां उन्हें कुछ जंगली मुर्गियां घूमती दिखाई दीं। वे मुर्गियां उनकी चोरी हुई मुर्गियां नहीं थीं, फिर भी सोनू और सीमा ने इसे भगवान का आशीर्वाद समझा और उन्हें अपने घर ले आए।
अगले दिन सीमा नई मुर्गियों से अंडे लेने गई। तभी उसकी नजर एक चमकदार अंडे पर पड़ी। वह अंडा साधारण नहीं, बल्कि सोने का अंडा था।
सोनू और सीमा को जल्द ही पता चला कि उन मुर्गियों में से एक रोज एक सोने का अंडा देती थी। इस अनोखे वरदान ने उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल दी। दोनों ने बड़ी हवेली बनवाई और एक कार भी खरीद ली।
उधर कालू ने सोनू की चोरी की हुई मुर्गियों को अपने पास तो रख लिया था, लेकिन वे उसके लिए परेशानी बन गईं। जब भी वह अंडे लेने की कोशिश करता, मुर्गियां उसे चोंच मारने लगतीं। उसे मजबूर होकर उनसे अंडे लेने पड़ते थे।
जब कालू ने सोनू की अचानक बढ़ी हुई दौलत देखी, तो उसके मन में शक पैदा हुआ। एक रात वह चुपके से सोनू के घर पहुंचा और उनकी बातचीत सुनने लगा। तभी उसे पता चला कि उनकी सारी नई संपत्ति उस मुर्गी की वजह से आई थी जो रोज सोने का अंडा देती थी।
कालू ने सोचा कि अगर मुर्गी रोज एक सोने का अंडा देती है, तो शायद उसके पेट में बहुत सारे सोने के अंडे छिपे होंगे। उसने लालच में आकर सोनू की नई मुर्गियां चुरा लीं।
एक साथ सारा सोना हासिल करने की चाह में कालू ने मुर्गियों के पेट चीर दिए। लेकिन अंदर उसे कुछ भी नहीं मिला। उसकी लालच भरी हरकत से जादुई मुर्गियां मर गईं और सोना पाने का उसका सपना भी खत्म हो गया।
जिस चीज को वह जल्दी से हासिल करना चाहता था, उसी के पीछे भागते हुए उसने मुर्गियों को नष्ट कर दिया। अगर वह धैर्य रखता, तो शायद उसे धीरे-धीरे मिलने वाले लाभ का फायदा मिल सकता था।
मरी हुई मुर्गियों को छिपाने के लिए कालू उन्हें कहीं फेंकने की कोशिश कर रहा था। तभी गांव के चौकीदार ने उसे पकड़ लिया। चौकीदार ने मुर्गियों को पहचान लिया और कालू को लेकर सीधे सोनू के घर पहुंच गया।
सबूत सामने आने के बाद कालू ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने केवल जादुई मुर्गियों को मारने की बात ही नहीं मानी, बल्कि सोनू की मूल मुर्गियां चुराने का सच भी बता दिया।
मामला गांव की पंचायत के सामने रखा गया। कालू और उसकी पत्नी की जलन, लालच और चोरी का सच सबके सामने आ चुका था। पंचायत ने दोनों को गांव से बाहर निकालने का फैसला सुनाया।
इस तरह दूसरों की खुशियों से जलने और अधिक पाने की लालच ने कालू और उसकी पत्नी से उनका घर, सम्मान और गांव में रहने का अधिकार तक छीन लिया।
सोनू और सीमा को जंगल में मिली नई मुर्गियों में से एक मुर्गी रोज सोने का अंडा देती थी।
वे अपनी मुर्गियों से मिलने वाले अंडे बेचकर अपना जीवन चलाते थे।
कालू और उसकी पत्नी सोनू की तरक्की से जलते थे और उसकी संपत्ति देखकर ईर्ष्या करते थे।
अपनी मुर्गियां चोरी होने के बाद उन्हें जंगल में कुछ जंगली मुर्गियां मिलीं, जिन्हें वे घर ले आए।
अधिक सोना एक साथ पाने के लालच में कालू ने मुर्गियों के पेट चीर दिए, जिससे वे मर गईं।
गांव के चौकीदार ने कालू को मरी हुई मुर्गियों को छिपाते हुए पकड़ लिया और उसे सोनू के घर ले गया।
कहानी सिखाती है कि जलन और अत्यधिक लालच इंसान की खुशियां, सम्मान और जीवन तक बर्बाद कर सकते हैं।
Discover fresh Hindi animated stories, emotional dramas, mysteries, thrillers and more from ToonShow Hindi.
Comments